कंप्यूटर क्या है-What is Computer in Hindi.बेसिक कंप्यूटर कि पूरी जानकारी

कंप्यूटर क्या है-What is Computer in Hindi,आजतक आपने सिर्फ कंप्यूटर चलाये होंगे। या फिर आप कंप्यूटर को देखे होंगे। क्योंकि आज हर जगह, हर काम आज Computer के जरिये किया जाता है। पर बहुत कोई को Computer के बारे में जानकारी नही होता है। और बहुत जगह Basic Computer के बारे में पूछा भी जाता है। आज मैं आपको Basic Computer in Hindi के बारे में पूरे डिटेल्स में बताऊंगा।

तो नमस्कार दोस्तो, आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है हमारे Adviceduniya ब्लॉग पर। आज हम आपके लिए Computer के Basic चीज़ों के बारे में बताने वाले हैं। आज के इस लेख में मैं आपको Computer क्या है-Computer in Hindi के साथ ही साथ Basic Computer in Hindi के अलावा और भी कई बातें Computer के बारे में बताने वाला हूं।

Computer in hindi

Computer तो लोग आज हर जगह देखता है। लेकिन बहुत से लोग उसका इसिहास, उसके सर्विस और उसके पार्ट, उसके काम के बारे में पता नही होता है। बहुत कोई सिर्फ सोचते है कि Computer के द्वारा हम सिर्फ गेम और वीडियो, गाने यही सिर्फ काम किये जा सकते हैं। लेकिन आज मैं आपको Computer के कई सारे कामो के साथ-साथ Computer के basic के बारे में बताने वाला हूं।

आज हम सरकारी दफ्तरों में, कार्यालयों में और भी बहुत ऐसे जगह पर काम के सिलसिले में पहले के जमाने मे हम जाते थे। तो वहाँ एक काम को करने में घंटो बीत जाता था। कभी फ़ाइल भुला गया। तो कभी पानी के गिरने से फ़ाइल खराब हो गयी। ऐसे- ऐसे हालात हमे देखने को मिलता था। 

लेकिन आज वही काम जो पहले घंटो में हित था आज Computer के माध्यम से वही काम कुछ सेकंड में कम्पलीट हो जाता है। और आजकल फाइल्स की चिंता करने की ज़रूरत भी नही पड़ती है। क्योंकि वही फ़ाइल आज डॉक्यूमेंट में करके कार्यालयों के Computer में सभी को अपलोड कर दिया गया है।

आज कल स्कूलों, कॉलेजों और बड़े-बड़े यूनिवरसिटी में Computer का स्पेशल क्लास दिया जाता है। ताकि बच्चे को शुरू से ही कंप्यूटर पर पकड़ बानी रहे। क्युको वे लोग जानते है कि आजकल वही लोगो को बड़े-बड़े कंपनी में सेलेक्शन होता है जिसका Computer के बारे में ज्यादा Knowledge हो। क्योंकि आज हर कंपनी को वैसा Employ चाहिए जो Computer में एक्सपर्ट हो। और आप Computer में Expert जब बनेंगे। जब आप कंप्यूटर के Basic के बारे में जानेंगे। और नीचे में मैं इसी Basic Computer के बारे में बताऊंगा। सबसे पहले हमलोग जान लेते है की-

Computer क्या है-What is Computer in Hindi

=>कंप्यूटर एक Electronic Device है। जो यूज़र्स के बताए गए निर्देशों को इनपुट करता है। और उसी इनपुट को अपने अंदर प्रोसेसिंग करके उस यूज़र्स को उसके निर्देश का आउटपुट निकाल कर देता है। अगर हम इसे सिंपल भाषा मे समझे तो-

जो भी Command हम कंप्यूटर को देते है। उसको वे अपने अंदर Inpute कर लेता है। और उसी इनपुट को फिर Process करता है। और जब प्रोसेस हो जाता है। और वो उस Command का Answer Processed कर लेता है। फिर उस Answer को Output करके आपके मोनिटर स्क्रीन पर उसको दिखा देता है। (यहाँ पर Data को Command के रूप में बताया गया है)

(Data) Input—> Processing—> Output

आज हर कंप्यूटर ऐसी कार्य प्रणाली पर काम करता है। पहले यूज़र्स के द्वारा Data लेता है। फिर उस डेटा को Process करता है। और आज के मॉडर्न कंप्यूटर का प्रोसेसिंग सिस्टम बहुत ही ज्यादा तेज हैं और फिर वो उस Data को प्रोसेस करके यूज़र्स के सामने उस Data का Result Output के माध्यम से आपको देता है। आज तक पुराने जमाने के कंप्यूटर से लेकर आज तक का मॉडर्न कंप्यूटर सब इसी के ऊपर काम करता है।

कंप्यूटर का इतिहास-History Of Computer

=>सबसे पहला कंप्यूटर का अविष्कार 1940 में हुए था। इसदिन सबसे पहला दुनिया का सबसे पहला कंप्यूटर देखने लो मिला था। यह अविष्कार Charles Babbage के द्वारा किया था। क्या आपको पता है कि Charles Babbage को Father of Computer मतलब की (कंप्यूटर के पिता) कहा जाते हैं। वो इसीलिए क्योंकि सबसे पहला Machenical Computer Charles Babbage के द्वारा ही बनाया गया था। जो कि उस जमाने मे Anylatical Engine के नाम सर भी उस समय जाना जाता था।

इसमें Punch Card की मदद के द्वारा ही इसमें Data इन्सर्ट का प्रोसेस किया जाता था। यह मॉडर्न Periode का सबसे तेज और Fast Process वाला इलेक्ट्रॉनिक गैजेट है। यह कंप्यूटर यूज़र्स को 2 तरह से Output पेश करता है। पहला numerical और दूसरा non numerical तरीके से। (arithmetic and Logical Unit[ALU]) calculation को process करता है।

Founder of Computer Charles Babbage बारे में। (About Charles Babbage)

Founder of computer Charles babbage

=>चार्ल्स बैबेज एक अंग्रेजी बहुश्रुत थे वह एक गणितज्ञ, दार्शनिक, आविष्कारक और यांत्रिक इंजीनियर थे, जो वर्तमान में सबसे अच्छे कंप्यूटर प्रोग्राम की अवधारणा के उद्धव के लिए जाने जाते हैं या याद किये जाते है। चार्ल्स बैबेज को “कंप्यूटर का पिता”(फादर ऑफ कम्प्यूटर ) माना जाता है। चार्ल्स बैबेज का जन्म 26 दिसंबर 1791 को  लंदन ,इनलैंड में हुआ था। ये पीटरहाउस,कैम्ब्रिज से अपना शिक्षा प्राप्त किये थे। ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

Computer का पूरा नाम-Full name of computer in hindi

=>वैसे तो जिन्होंने कंप्यूटर का अविष्कार किये थे। उन्होंने कोई भी Computer का कोई फुल फॉर्म नही बताये थे। लेकिन बहुत ऐसे Computer Expert साइंटिस्ट थे जिन्होंने रिसर्च करके Computer का फुल फॉर्म निकाला। Computer का FullForm है-

C – Commonly

O – Operated

M – Machine

P – Particularly

U – Used for 

T – Technical

E – Educational

R – Research

बड़े-बड़े लोगो ने Computer का यह फुल फॉर्म निकले थे। जो कि एक तरह से सूटेबल भी लगता है।

अगर यह Full Form को हिंदी में देखा जाए तो इसका मीनिंग कुछ इस प्रकार होगा–“आम ऑपरेटिंग मशीन विशेष रूप से व्यापार, शिक्षा और अनुसंधान के लिए उपयोग की जाती है.”

कंप्यूटर का हिंदी नाम-Computer in hindi name

=>जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि कंप्यूटर एक इंग्लिश नाम है। और बहुत लोग है जो कंप्यूटर का नाम हिंदी में जानना चाहते है। तो कंप्यूटर का हिंदी नाम है “संगणक” है। सं का मतलब है ‘एक साथ’ और गणक का मतलब होता है ‘गुना करना’। सजा पूरा मतलब होता है कि एक साथ गुना करने वाला यंत्र।

कंप्यूटर के भाग-Parts of Computer in Hindi

=>कंप्यूटर के कई सारे पार्ट्स होते है। सभी पार्ट्स का अहम रोल होता है कंप्यूटर को रन करने के लिए। आपने अक्सर देखा होगा कि कंप्यूटर के साथ और भी कई सारे गाडजेट कंप्यूटर के साथ रखा हुआ रहता है। और कंप्यूटर चालू करते समय उन सभी पार्ट्स में भी इलेक्ट्रिसिटी को फ्लो किया जाता है। तभी आप पूरी तरह कंप्यूटर को पूरी तरह एक्सेस कर पाते है।

वैसे तो कंप्यूटर के कई सारे पार्ट्स होते है। जिनके बारे में यहाँ पर बताना थोड़ा नामुमकिन से होता है। क्योंकि जितना पार्ट्स हमलोग एक सिंपल कंप्यूटर को चलाने के समय देखते है। हमलोग को लगता है सिर्फ वही उसका पार्ट्स होते है। लेकिन ऐसा नही हैं ज़के अलावा बड़े-बड़े कंप्यूटर को चलाने के लिए कई सारे पार्ट्स का ज़रूरत परत है। इसीलिए आज हम सिर्फ उन्हीं Computer Parts  के बारे में जानेंगे जिसको जानना चाहिए। और जो Normally किसी के द्वारा पूछा जाता है।

Parts of Computer

नॉर्मलय Computer के दो Parts होते हैं। 

1)Input Device

2)Output Device

◆Input Device:-इनपुट डिवाइस वह होता है जो कंप्यूटर में डेटा को Cpu तक पहुचता है। अगर सिंपल भाषा मे हमलोग इसे समझे तो जो भी यूज़र्स अपने डेटा को कंप्यूटर में इन्सर्ट करता है। और वो डेटा को इन्सर्ट करते समय जिस भी डिवाइस का इस्तेमाल होता है उसे Input Device कहते हैं। यह डिवाइस यूज़र्स और कंप्यूटर सिस्टम के बीच कम्युनिकेट का माध्यम होता है। ज़के द्वारा जो भी यूज़र्स डेटा को इन्सर्ट करता है। वो उस डेटा को डायरेक्टली CPU के अंदर भेज देता है। मतलब की जो भी पार्ट्स से हम डेटा को इनपुट करते है उसे हम input device कह सकते हैं।इनपुट डिवाइस में भी कई सारे गैजेट होते है। इसमें मुलयतः ये सब पार्ट्स आते हैं।

  • Keyboard
  • Mouse
  • Joystick
  • Trackball
  • Light pen
  • Touch screen
  • Digital Camera
  • Scanner
  • Digitizer Tablet
  • Bar Code Reader
  • OMR
  • OCR
  • MICR
  • ATM etc.

◆Output Device:-आउटपुट डिवाइस वह होता है जो डेटा को प्रोसेस करने के बाद जो रिजल्ट हमलोग के सामने पेश करता है। जिसके द्वारा वह रिजल्ट पेश करता है। उसे हम Output Device कहते है। अगर हम Example के माध्यम से समझने की कोशिश करे तो कुछ इसप्रकार होगा-

मान लेते है कि हमे कोई Video देखने का मन कर रहा है। तो हम अपने Keyword और Mouse के द्वारा डेटा इनपुट करेंगे कि हमे वीडियो देखना है। उसके बाद वह डेटा Cpu में जायेगा। और वह फिर आपको Moniter पर वीडियो को चालू कर देगा। आगर आप Headphone लगा कर वीडियो को देखेंगे। [तो यहाँ पर Moniter और Headphone आपका Output Device हो गया और Keyword और Mouse आपका Input Device हो गया]। इसमें मुलयतः ये सब पार्ट्स आते हैं।

  • Monitor
  • Printer
  • Plotter
  • Projector
  • Sound Speaker etc.

 

यह तो हो गया डिवाइस के आधार पर कंप्यूटर का भाग। इसके अलावा इसमें Computer के दो और प्रकार होते है।

Hardware & Software Computer in Hindi.

=>यह भी मूलतः दो प्रकार के कंप्यूटर होते है। एक होते है Software Computer और दूसरा Hardware Computer. ये भी थोड़ा थोड़ा इनपुट और आउटपुट डिवाइस की तरह ही है। चलिए थोड़ा इसके बारे में जानते है।

◆Software Computer:- यह जो सॉफ्टवेयर पार्ट होते है। वह सभी के सभी कंप्यूटर के अंदर होते है। और जिसे हम टच नही कर सकते हैं हमलोग सिर्फ सॉफ्टवेयर को देख सकते हैं। सॉफ़्टवेयर ऐसे इंस्ट्रक्शंस का सेट होता है। जो बताता है कि हार्डवेयर को क्या करना है और यह कैसे करना है। सॉफ्टवेयर के उदाहरणों में ओएस (विंडोज, मैक), वेब ब्राउज़र, गेम, और वर्ड प्रोसेसर शामिल हैं। सॉफ्टवेयर दो तरह  के होते हैं – System Software और Application Software. इसमें Web Browser,Os (विंडोज, मैक), Game और Word Processer जैसे पार्ट्स शामिल है।

◆Hardware Computer:-इसे हम Computer के फिजिकल पार्ट्स भी कह सकते हैं हार्डवेयर पार्ट्स वह होता है जिसको हम छू सकते है,उसे महसूस कर सकते है। और जिसके द्वारा यूज़र्स कंप्यूटर में डेटा भेजता है। इसमें Moniter,Keyword,Mouse जैसे पार्ट्स शामिल है।

Introduction of Computer in PDF

=>बहुत से लोगो को कंप्यूटर के बारे में Pdf file चाहिए। मैं उनलोगों के लिए PDf फ़ाइल का भी उपाय ढूंढ दिया हु। उस पीडीएफ में आपको Computer के सभी बेसिक चीज़ों के बारे में देखनो को मिल जाएगा ज़के अलावा आपको और कई सारे प्रश्न मिलेंगे कंप्यूटर से रैलटेड।

DOWNLOAD

Basic Parts of Computer in Hindi.

=>उसके ऐसे पार्ट्स जो कंप्यूटर के बेसिक पार्ट्स होते है। जिनके बिना एक यूज़र्स कभी भी कंप्यूटर को रन नही कर सकता है।

◆Computer Case:- जिसपर हमारा मोनिटर काम करता है उसको ही कंप्यूटर केस कहते हैं।कंप्यूटर केस धातु और प्लास्टिक का बॉक्स होता है। जिसमें कंप्यूटर के मुख्य कंपोनेंट्स होते है, जिसमें मदरबोर्ड, सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू), हार्ड ड्राइव और पॉवर सप्‍लाई युनिट शामिल है। कंप्यूटर केस के सामने आमतौर पर एक ऑन/ऑफ़ बटन और ऑप्टिकल ड्राइव होते हैं। कंप्यूटर केस अलग अलग शेप और साइज में आते हैं।

◆Moniter:-Computer का यह एक अहम पार्ट्स होता है। यह कंप्यूटर केस के अंदर होता हैम ज़के काम है आउटपुट को आपके सामने डिस्प्ले करना। इसी के द्वारा आप कंप्यूटर पर काम करते हैं।

◆Keyword:-यह कंप्यूटर पार्ट्स में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला पार्ट्स है। ज़के द्वारा ही ज्यादा लोग इनपुट डेटा करते है। कंप्यूटर कीवर्ड में टोटल 107 बटन मौजूद होते हैं। जो यूज़र्स को डेटा इनपुट करने में मदद करता है।

◆Mouse:-कीवर्ड के बाद सबदे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला कंप्यूटर का यह दूसरा सबसे अहम पार्ट्स है। इसका काम होता है मोनिटर पर सर्द के द्वारा पॉइंटर करना। इसके भी 3 पार्ट्स होते हैं,ऑप्टिकल, मैकेनिकल और वायरलेस।

Peripherals Parts of Computer.

=>ऐसे पार्ट्स जो कंप्यूटर के साथ जोड़ कर इस्तेमाल किये जाते है। और जो लोगो के लिए काफी मददगार होते हैं।

◆Printer:-प्रिंटर एक ऐसा डिवाइस होता है। जिसको कंप्यूटर के साथ कनेक्ट करके। और कंप्यूटर के द्वारा जो फ़ोटो भेजे जाते है। उसको Print out करना। ये भी दो तरह से प्रिंट करात है। पहला Black-White और दूसरा Colourful.

◆Scanner:-स्कैनर एक ऐसा डिवाइस है। जो किसी भी पेज या पेपर को Scann करके उसका पूरा डिज़ाइन उस पेज का पूरा फ़ोटो को Scann करके कंप्यूटर में भेजता है। इसके इस्तेमाल आप किसी कैफ़े में जाकर देख सकते हैं।

◆Headphone:-हम लोग इसे प्रतिदिन इस्तेमाल करते है। इसमें हम कंप्यूटर या अपने मोबाइल में लगाकर गाना या वीडियो चालू करते है। तो उसका आवाज इसके द्वारा हमलोगों के कानों में जाता है। यह भी आजकल कई तरह से देखने को मिल जाता है। जैसे कि Wire Headphone,Bluetooth etc.

Inside parts of Computer

=>ऐसे पार्ट्स जो सॉफ्टवेयर की तरह काम करता हैं। वैसे पार्ट्स जो कंप्यूटर के अंदर रहकर काम करता है।

◆Motherboard:-मदरबोर्ड एक तरह से कह सकते है कि यह कंप्यूटर के बैकबोन होता है। यह एक कंप्यूटर के अंदर हार्डवेयर का काम करता है।जिसमे Mouse,Keyword,Cpu सभी चीज़े कनेक्ट होती है। यह अलग अलग कंप्यूटर में अलग-अलग शेप और साइज का होता है। मदरबोर्ड कंप्यूटर के अलावा मोबाइल और लैपटॉप और भी कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट में मौजूद होता है।

◆CPU:-CPU का पूरा नाम Central Processing Unit है। इसे हम कंप्यूटर का दिमाग भी कह सकते हैं। हम जो भी डेटा कंप्यूटर में इनपुट करते हैं। वके सभी इनपुट डेटा कक प्रोसेस का काम CPU में ही होता है। यह एक सिलिकॉन चिप के साथ दो इंच सिरेमिक स्क्वायर में होता है। यह चिप मदरबोर्ड के CPU सॉकेट में फिट बैठती है, जिसे हिट सिंक से कवर किया जाता है, जो सीपीयू से गर्मी को सोख लेता है। कंप्यूटर के काम करने का तरीके,कितना तेज काम करता है ये सभी चीज़े डिपेंड करता है उस कंप्यूटर के CPU के ऊपर।

◆RAM:-यह भी कंप्यूटर का एक अहम से पार्ट्स है। इसका पूरा नाम Random Access Memory है। यह कंप्यूटर में मेमोरी की तरह काम करता है। जो भी डेटा को हम इसमें लोड करते है वे सभी डेटा इसमें जाकर स्टोर होता है। इसका काम है यूज़र्स के द्वारा बताई गई डेटा को सेव करके रखना। यह भी एक अहम हिस्सा है कंप्यूटर को तेज एक्सेस करने में। जितना ज्यादा आपका कंप्यूटर में RAM रहेगा। उतना ज्यादा आपका कंप्यूटर फ़ास्ट प्रोसेस करेगा। इसे हम टेम्पररी मेमोरी भी कह सकते है। यह उस समय आपका डेटा को कैच नही करेगा। जब आप अपने PC को रन कर रहे होंगे। और आपका Light चली जाए। अगर आप परमानेंट डेटा को स्टोर करने चाहते है। तो आपको Hard Drive का ज़रूरत पड़ेगा।

◆Hard Drive:-यह एक Permanent memory है। इसमें आप अपना Mp3,Song,Movie,File,Document इत्यादि सभी चीज़े को Save करके रख सकते है। इसे हम Storage Device भी कह सकते हैं। यह मुलयतः HDD के IDE Hard drives, SATA Hard drives और SCSI Hard drives प्रकार के रूप में होते हैं। आजकल के पर्सनल कंप्यूटर में 8GB से लेकर 2TB तक Capacity वाले का Hard Disk का आ रहे हैं।

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कंप्यूटर के प्रकार-Types of Computer in Hindi

=कंप्यूटर के कई सारे प्रकार हैं। बहुत से लोग सिर्फ Personal Computer के बारे में जानते है। लेकिन इसके अलावा भी कई सारे प्रकार है कंप्यूटर के। यह सभी कंप्यूटर नॉर्मली 3 प्रकार से कम करता है।

Types of Computer

◆Analog:-यह एक ऐसा कंप्यूटर होता है। जो रिजल्ट को Signal form में बताता है। इसका आउटपुट मोनिटर पर Continous form में दिखता है। इसे आप Curves के रूप में देख सकते है। Analog Computer का उपईग ज्यादा तर हॉस्पिटल के Operation theater में,Temperature मापने के समय, ब्लड प्रेशर ये सब कामों में इस्तेमाल करते हैं।

◆Digital:-वैसे कंप्यूटर जो आउटपुट डेटा को Binary Digital में दिखता है। उसे Digital Computer कहते हैं। यह रिजल्ट को Descret Form में होती है। यह आपको Text,Photos और Graphics फॉर्म में आपको शो करता है।

◆Hybrid:-हाइब्रिड कंप्यूटर, एनालॉग और डिजिटल कंप्यूटर के मेल है। Hybrid Computer में Signal फॉर्म और Binary Digital दोनों फॉर्म में Output शो करता है। मतलब की वैसा कंप्यूटर जो अपना रिजल्ट बाइनरी डिजिटल और सिंगल फॉर्म दोनों में बताता हो उसे हम Hybrid Computer कहते हैं। यह जानकारी को Analog form के साथ-साथ Descret Form भी आपको बताता है क्योंकि यह Digital Processing के साथ ही साथ analog processing के ऊपर भी कम करता है।

जितने भी कंप्यूटर है। वे सभी कंप्यूटर इन्ही तीनो प्रकार से काम करता है।

आकार के आधार पर-Types Of Computer Depend on Size

=>कंप्यूटर के कई सारे प्रकार है। जो कि साइज के ऊपर मैं बताऊंगा। यह अपने अपने साइज के जैसा काम करता है। सब अपने अपने काम करने में माहिर हैं। यह नॉर्मली चार प्रकार के है।

1)Super Computer

2)MainFrame Computer

3)Mini Computer

4)Micro/Personal Computer->◆Desktop Computer ◆ Laptop ◆Palmtop ◆Work Station

ये चार प्रकार है कंप्यूटर के।

◆Super Computer:-सुपर कंप्यूटर सभी कंप्यूटर में सबसे तेज कंप्यूटर होता हैं सिवाय Main Frame Computer के। इसका इस्तेमाल बहुत बड़े- बड़े कामो के लिए किया जाता हैं इसकी काम करने की क्षमता औरो कंप्यूटर की तुलना में बहुत अधिक होती है। इसे सिर्फ बड़े कामो के लिए ही कंपनी बनाता है। नार्मल लोगो के इस्तेमाल करने के योग्य नही है। क्योंकि इसका ख़र्चा काफी ज्यादा है। इसका इस्तेमाल बड़े-बड़े Game Company,Space Agency जैसे कम्पनी करती है। ग्राफ़िक्स डिज़ाइन और Nuclear Reasearch जैसे कामो के लिए इसका इस्तेमाल ज्यादातर किया जाता है।

◆Main Frame Computer:- अगर हम main Frame Computer की बात करे। तो इसका क्षमता Super कंप्यूटर से भी ज्यादा होता है। क्योंकि ये एक साथ हज़ारो यूज़र्स का कमांड को एक साथ फॉलो करने की क्षणता रखता है। इसका सिस्टम की बात करे तो इसका आकार बहुत ही बड़ा होता है। और ये सुपर कंप्यूटर से भी ज्यादा महंगे होते है। अगर इसका इंटरनल सिस्टम की बात की जाए तो यह सुपर कंप्यूटर के इंटरनल सिस्टम से भी बहुत ज्यादा शक्तिशली होता है। सुपर कंप्यूटर में एक बार मे एक ही कमांड को झेलने की क्षमता रखता है लेकिन इसमें आप एक साथ कई कमांड डाल सकते है। और ये आपको सुपर कंप्यूटर के तुलना में जल्दी आउटपुट आपके सामने पेश कर देगा। क्योंकि इसका जो प्रोसेसर होता है। वह बहुत ही ज्यादा और हाई स्पीडबले होता है।

◆Mini Computer:-अगर इस मिनी कंप्यूटर की बात करें। तो यह अपने-अपनेआकार के हिसाब से इसका सिस्टम के बारे में पता चलता है। इसमें एक बार मे 4-200 यूज़र्स का कमांड झेलने की क्षमता रखता है। ये Main Frame Computer और Work Station के बीच वाले क्षमता रखता है। मतलब की MainFrame से इसका क्षमता कम होता है और वर्क स्टेशन इतना या इससे भी थोड़ा सा ज्यादा इसका क्षमता रहता है।

◆Micro/Personal Computer:- इसमें कई तरह के कंप्यूटर सिस्टम आते है। अक्सर हमलोग यही तरह के कंप्यूटर इस्तेमाल करते है। यह कई तरह के आते हैं। जैसे कि Desktop ,Laptop, Palmtop और Work Station जैसे फॉर्म में ये आते हैं।

कंप्यूटर की पीढ़ी-Generation Of Computer in hindi

=>अब बात आता है Generation Of Computer की। लेकिन इसका प्रणाली कोई सही से नही जानता है कि कंप्यूटर का सबसे पहला अविष्कार कब हुआ था। क्योंकि बहुत किसी का मानना है कि ये सबसे पहले Abacus के रूप में बनाया गया था। जो कि एक बांस की लकड़ी से बना था। लेकिन जैसे-जैसे कंप्यूटर का सिस्टम डेवेलोप होता गया। वैसे-वैसे लोग इसे जनरेशन में बदले गए। मैं आपको बता दु की कंप्यूटर के अभी तक टोटल 5 Generation है। और आगे भी इसके जनरेशन बढ़ता चला जायेगा। जैसे-जैसे ये अड्वान्स होता जाएगा। तो चलिए Computer के उन 5 Generation के बारे में थोड़ा जान लेते हैं।

Generation of Computer

First Generation of Computer (1940-1956)

=>कंप्यूटर का पहला जनरेशन 1940 से लेकर 1956 तक चला था। सबसे पहला जनरेशन के कंप्यूटर Vaccum tubes को circuitry और Magnetic Drum को memory के लिए इस्तमाल किये जाते थे। इन प्रथम जनरेशन वाले कंप्यूटर का शेप और साइज काफी ज्यादा बड़ा था। यह पूरे रूम को कैप्चर कर लेते थे। उस समय इसीलिए इसका साइज बड़ा था क्योंकि उस समय के जमाने मे इतना एडवांस टेक्नोलॉजी नही हुआ करता था। इसीलिए वे लोग कम टेक्नोलॉजी में इसे बनाये थे।
इसको इस्तेमाल करना बहुत ही मुश्किल काम हुए करता था। क्योंकि बड़ा साइज होने के चलते यह जल्दी गर्म हो जाता था। जिससे उसका इंटरनल सिस्टम खराब होने का डर लग रहता था। इसमें Mulfunction का भी कई बार प्रॉब्लम देखने को मिल जाता था। इसमें डेटा को इनपुट करने के लिए Punch Card और Paper Tape का इस्तेमाल करते थे। ये पहले के जमाने मे मशीनी लैंग्वेज का इस्तेमाल करते थे। उस समय First generation के कंप्यूटर बहुत कम देखने को मिलती है। Example के तौर पर आप UNIVAC and ENIAC Computers को देख सकते है।

Second Generation of Computer(1956-1963)

=>कंप्यूटर का दूसरा जनरेशन 1956 से लेकर 1963 तक चला था। इस Second Generation वाले कंप्यूटर में यही खास बात थी कि इसमें Vaccum Tube की जगह Transistors का उपयोग किया जाता था। Transistors का वैसे कई सारे फायदे थे।Transistor बहुत ही कम जगह लेते थे, छोटे थे, faster थे, सस्ते थे और ज्यादा Energy Efficient थे। यह बहुत ही काम इलेक्ट्रिसिटी में रन कर लिए जाते थे। लेकिन इसमें भी Heating problem की समश्या थी। इसमें काफी High Programming Language का इस्तेमाल किया जाता था। जैसे कि COBOL और FORTRAN जैसे प्रोग्रामिंग भाषा का इस्तेमाल करना पड़ता था। जो कि सभी के बस की बात नही थी।

◆Third Generation of Computer(1964-1971)

=>कंप्यूटर के तीसरी जनरेशन 1964 से लेकर 1971 तक चला था। इसमें दूसरी जनरेशन के मुताबिक थोड़ा और एडवांस हुए। इसमें ट्रांजिस्टर को छोटे-छोटे टुकड़े करके Sillicon Chip के अंदर डाला गया। जिसे Semi Conductor भी कहते हैं। इस जनरेशन वाले कंप्यूटर में पहली बार Integrated Circuit का इस्तमाल किया गया था। इसका फायदा यह हुए की इसका काम करने का जो processing होता है वह काफी ज्यादा बढ़ गया था।

यही जनरेशन का कंप्यूटर था जो कि लोगो का इस्तेमाल करने के लिए मार्केट में उतारा गया था। उस टाइम कंप्यूटर में Monitors, keyboards और Operating System जैसे पार्ट्स का उपयोग होना शुरू हो गया था।

Fourth Generation of Computer(1971-1985)

=>कंप्यूटर की यह चौथी जनरेशन 1971 से लेकर 1985 तक रहा। इसमें औरो जनरेशन से अलग बात यह था कि इसमें थोड़ा सा और एडवांस करके Microprocesser लगाया गया। जिससे हजारों Integrated Circuit को एक ही सिलिकॉन chip में embedded किया गया। इसका उस समय मे बहुत ही ज्यादा लाभ मिला और वो लाभ यह था कि इस Mircoprocesser के चलते यह बहुत कम जगह में Access होना शुरू हो गया था। और इसके चक्कर मे इसमें बहुत ही कम Heat होता था। जिससे लोगो को Heating प्रॉब्लम कम ही झेलना पड़ता था। इसके इस्तेमाल के कारण Computee बहुत ही कम समय ने बड़े-बड़े Calculation को छंद मिनट में ही हल कर दे रहा था।

Fifth Generation of Computer(1985- present time)

=>कंप्यूटर का पांचवी जनरेशन 1985 से लेकर अभी तक चल रही है। मतलब की अभी भी हमलोग पांचवी जनरेशन के कंप्यूटर के इस्तेमाल कर रहे है। आज का यह कंप्यूटर काफी ज्यादा एडवांस हो गया है। जपर अब आर्टिफीसियल एजेंसी का दब दबा चलता है। आज के इस कंप्यूटर जनरेशन में Speech recognition, Parallel Processing, Quantum Calculation जैसे कामो को अंजाम हम अपने कंप्यूटर के द्वारा दे रहे हैं।

आज के कंप्यूटर इतना ज्यादा एडवांस हो गया है। जिसके कारण अब आपको यूज़र्स के अब कमांड को बिना कीवर्ड और माउस का इस्तेमाल किये बगैर ही Voice Command से डेटा को इनपुट कर सकता है। और आगे आने वाले Computer Generation इतना ज्यादा एडवांस लेवल पर पहुच जाएगा। जब Computer खुद व खुद Desicine लेना शुरू कर देगी। उसको किसी यूज़र्स के द्वारा कमांड देने का ज़रूरत नही पड़ेगा। 

कंप्यूटर का कार्य करने का तरीका।

=>कंप्यूटर का काम करने के तरीके मुख्यतः 3 तरह से होते है। जितने भी कंप्यूटर चाहे वो सुपर कंप्यूटर हक या फिर पर्सनल कंप्यूटर सभी के सभी कोई इसी 3 तरीके के ऊपर काम करती है। इसका विचार मैंने ऊपर में भी आपके साथ शेयर किया था। सबसे पहला है Input उसके बाद Process और लास्ट में Output।

Input(Data):-इनपुट वह तरीका होता है। जिसपर यूज़र्स कंप्यूटर में डेटा को कमांड देते है। मतलब की इसमें कंप्यूटर यूज़र्स के द्वारा बताए गए Data को कमांड लेता है।

Process:-फिर इस तरीके में यूज़र्स के बताए गए डेटा को CPU में भेजता है और Process की प्रक्रिया वही पर होता है।

Output:-और  सबसे अंत मे जब प्रोसेस फाइनली कम्पलीट हो जाती है। तब इस Output के द्वारा यूज़र्स को उस डेटा का जबाब मिल जाता है।

आजकल के सभी कंप्यूटर बहुत ही एडवांस और तेज हो गए है। यह सभी प्रक्रिया इतना जल्दी-जल्दी होता है कि आप सोच भी नही सकते।

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कंप्यूटर का उपयोग-Usage of Computer in Hindi

=>हम सभी कोई जानते है कि कंप्यूटर कई जगह काम आते है। लेकिन कई जगह से आपका मतलब बस 2-3 जगह ही होता होगा। लेकिन मैं आपको बताना चाहूंगा कि आजकल कंप्यूटर का इस्तेमाल हर जगह किया जा रहा है। ताकि हर कोई एडवांस बन सके। ये इन जगहों पर इस्तेमाल किये जाते हैं।

*शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग होता है।

*Business के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है।

*Health and Medicine के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल होता है।

*विज्ञान के छेत्र में कंप्यूटर का उपयोग होता है।

*Government

*Recreation and Entertainment

*Defence के अलावा भी कई जगहों और सर्विस में भी कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है।

कंप्यूटर के फायदे-Benifit of Computer in Hindi

=>आजकल के जमाने मे कंप्यूटर के बारे में बात किया जाए। तो यह इंसानों से ज्यादा और तेजी से कम करता हैं। आज हर जगहों पर कंप्यूटर के द्वारा काम किया जाता है। क्योंकि जो काम इंसान 1 से 2 घंटे में करेंगे वही यह कंप्यूटर सिर्फ कुछ ही सेकंड में बना देगा। आज इंसानों का जिंदगी कंप्यूटर के चलते थोड़ी आसान हो गयी हैं। आज हम जब चाहे कुछ भी चंद मिनटों में कुछ भी ढूंढ सकते है। आज हम जब चाहे जो चाहे कुछ भी तुरंत Save कर सकते है। आज बड़े-बड़े Nuclear System बन रहा है। लेकिन उसका आधा से अधिक काम कंप्यूटर की माध्यम से की जा रही है। इसका यह फायदा है कि यह कोई भी कम को बहुत ही तेजी से कर देता है। इसके अलावा भी कई सारे इसके फायदे हैं-

◆मनोरंजन का एक अनमोल श्रोत

◆ऑनलाइन काम या इंटरनेट एक्सेस के लिए बहुत लाभदायक

◆समय की बचत

◆संचार का एक बेहतरीन साधन

घर बैठे पैसा कमाने का जरिया

◆Multitasking

◆Data Security

कंप्यूटर के नुकसान-Disadvantage Of Computer in Hindi

=>जिस चीज़ का फ्री में फायदे हो न उससे कुछ न कुछ घटा ज़रूर होता है। मतलब की जो भी सर्विस हमे फ्री में कुछ देता है ना तो उसका कुछ न कुछ घटा ज़रूर होता है। हालांकि कंप्यूटर इंसान के ज्यादा फायदे ही करवाते हैं उसके समय और कई अन्य काम करके। लेकिन कई ऐसे लोग है जो कंप्यूटर का गलत इस्तेमाल कर रहे है। जिनकी वजह से कंप्यूटर के लोग नुकसान के बारे में भी सोचने लगे है। आज कोई-कोई बच्चा इतना ज्यादा कंप्यूटर एडिक्टेड हो गया है। कि दिन-भर रात-भर इसी में चिपका रहता है। और इससे यह होता है कि बच्चे की आंख में प्रॉब्लम होती है। बच्चे को अलग अलग प्रकार के बीमारियां से ग्रस्त हो जाता है। कोई कोई लोग कंप्यूटर को हैकिंग के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। जो कि इल्लीगल काम है। इसके अलावा इसके और भी कई सारे घाटे है। जो कुछ के बार में मैं नीचे बता रहा हूँ:-

◆समय की बर्बादी

◆आंखों का भरपूर नुकसान

◆सोशल नेटवरकिंग का अधिक प्रयोग

◆Virus और Hacking Attacks

◆Online Cyber Crimes

◆Employment opportunity में घटौती होना

Conclusion (Final Word)

आज आपने कंप्यूटर के बारे में कई बातें आपको यहाँ पर सीखने को मिली होगी। यहाँ पर सभी Basic Computer के बारे में पूरे डिटेल्स से आपको बताया हूँ। यहाँ पर हमने आपको कंप्यूटर क्या है-What is Computer in Hindi, Types of Computer in Hindi ,Parts Of Computer in Hindi, Generation of Computer in Hindi, Founder of Computer, Basic Computer in Hindi, Working Method Of Computer, Advantage & Disadvantage Of Computer in Hindi इसके अलावा भी कई चीज़े कंप्यूटर के बारे में देखने को मिली होगी।

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